तरनतारन
पट्टी विधानसभा क्षेत्र के साबरा गांव की 21 वर्षीय होनहार बेटी ने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। विदेशों में हॉकी में अपना लोहा मनवा चुकी इस खिलाड़ी का पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम में चयन हुआ है। जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। भारतीय टीम में चयन के बाद जब वह खिलाड़ी पहली बार अपने गांव लौटी, तो ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उसका भव्य स्वागत किया। स्थानीय युवाओं, स्कूल के बच्चों, बुज़ुर्गों और पंचायत प्रतिनिधियों ने गर्व और सम्मान के साथ बेटी को सिर आंखों पर बिठाया।
गौरतलब है कि साबरा गांव की यह खिलाड़ी पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, लेकिन अब उन्हें भारतीय राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में स्थायी स्थान मिला है, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
गांव के बुज़ुर्गों और स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि यह लड़की गांव की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग से आग्रह किया कि इस प्रतिभा को और निखारने के लिए जरूरी संसाधन और समर्थन प्रदान किया जाए।
खिलाड़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह मेरी नहीं, पूरे गांव की जीत है। मैं अपनी सफलता गांव की बेटियों को समर्पित करती हूं और चाहती हूं कि हर लड़की सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखे।"

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