मुंबई
मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा करने वालों के लिए एक राहतभरी खबर है। ठाणे जिले के मुंब्रा स्टेशन पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब मुंबई उपनगरीय नेटवर्क की सभी नई लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर लगाए जाएंगे, ताकि चलती ट्रेन से गिरने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुरानी लोकल ट्रेनें भी होंगी अपग्रेड
रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि सिर्फ नई नहीं, बल्कि पुरानी चल रही लोकल ट्रेनें भी रीडिज़ाइन की जाएंगी। इनमें भी मेट्रो की तरह अपने आप बंद होने वाले दरवाज़े लगाए जाएंगे। यह बदलाव यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
हादसे की पृष्ठभूमि: मुंब्रा स्टेशन पर मौत का मंजर
यह अहम कदम उस हादसे के बाद आया है जिसमें सोमवार सुबह CSMT जा रही एक लोकल ट्रेन से 10 से अधिक यात्री गिर पड़े, जिनमें से चार की मौत हो गई और छह गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के समय ट्रेन मुंब्रा स्टेशन से गुजर रही थी और अत्यधिक भीड़ के कारण यात्री दरवाज़ों से लटक रहे थे।
राहत व बचाव कार्य में तत्परता
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। जांच में सामने आया कि ओपन डोर के कारण अत्यधिक भीड़ वाले कोच में यात्री संतुलन खो बैठे और ट्रेन से गिर पड़े।
अब ट्रेनों में होंगे तकनीकी बदलाव
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अब से ट्रेनों के डिज़ाइन में तकनीकी सुधार किए जाएंगे। रेलवे मेट्रो की तरह दरवाज़े बंद करने की प्रणाली पर कार्य करेगा ताकि किसी भी यात्री की जान जोखिम में न पड़े।
मुंबई लोकल का चेहरा बदलेगा
रेलवे का यह निर्णय मुंबई लोकल ट्रेनों को न सिर्फ सुरक्षित, बल्कि आधुनिक भी बनाएगा। मेट्रो जैसी सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेनें यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी और दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करेंगी।

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