अंबिकापुर
शहर में रविवार को जीएसटी विभाग की लगातार छापामार कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी संघ सड़क पर उतर गया. व्यापारी संघ के आह्वान पर अंबिकापुर में नगर बंद का व्यापक असर देखा गया. कई दुकानों के शटर बंद रहे और व्यापारिक गतिविधियां ठप रही.
व्यापारियों का आरोप है कि जीएसटी विभाग के अधिकारी लगातार अवैध वसूली कर रहे हैं और बेवजह छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है. इसी के विरोध में व्यापारियों ने शहर में रैली निकालकर विरोध जताया. रैली के दौरान व्यापारी “जीएसटी अधिकारी होश में आओ, होश में आओ” जैसे नारों के साथ सड़कों पर उतरे.
व्यापारी संघ का कहना है कि पिछले एक वर्ष में अंबिकापुर में जीएसटी चोरी की शिकायतों पर विभाग ने दर्जनों छापामार कार्रवाइयां की हैं, जिनमें से कई पूरी तरह जायज नहीं कही जा सकती. हमें विभाग की कार्रवाई से आपत्ति नहीं है, लेकिन यह जरूरी है कि हर कार्रवाई निष्पक्ष और उचित हो. जिन व्यापारियों की सालाना आर्थिक क्षमता 50 लाख रुपये भी नहीं है, उन्हें 1 करोड़ रुपये तक का टैक्स थमा दिया जा रहा है. यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि ऐसे में व्यापारी मानसिक रूप से टूट जाते हैं. कोई भी व्यक्ति इस दबाव में आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो सकता है और उसके परिवार को भूखे मरने की नौबत आ सकती है.
कहा कि हम व्यापारी चोर नहीं हैं. हम टैक्स देने में सक्षम हैं और भुगतान भी कर रहे हैं. हमारा सरकार से बस इतना ही अनुरोध है कि वह सख्ती की बजाय संवेदनशीलता से स्थिति को समझे. ऐसी जबरदस्ती वाली कार्रवाइयां न की जाएं, जो हमें अपने ही किसी व्यापारी साथी को खोने के कगार पर ला दें. अंबिकापुर के व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम से तहसीलदार उमेश सिंह बाज को ज्ञापन सौंपा है. मांग की गई है कि जीएसटी विभाग के छापामार कार्रवाई पर रोक लगाएं और व्यापारियों को बेवजह परेशान नहीं किया जाए.

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