खैरागढ़
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर एक बार फिर भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के निर्देशन में संचालित ‘मिशन संडे’ टीम ने रविवार को छिंदारी गांव स्थित रानी रश्मि देवी सिंह जलाशय का निरीक्षण किया. इस जलाशय को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग को 41 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन यहां के हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं.
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अधिकांश निर्माण कार्य या तो अधूरे हैं या बेहद घटिया गुणवत्ता के हैं. किचन शेड, मचान, कुर्सियां और बैठने की अन्य व्यवस्थाएं बेहद साधारण और कमजोर सामग्री, जैसे- बांस और सस्ती लकड़ियों से बनाई गई है. यह स्पष्ट दिखा कि निर्माण कार्यों में न केवल लापरवाही बरती गई है बल्कि शासकीय धन का खुला दुरुपयोग भी हुआ है. टीम को यह भी जानकारी मिली कि इन अधूरे कार्यों का भुगतान वन विभाग द्वारा पहले ही पूरा कर दिया गया है.
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी टीम के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों ने सरकारी पैसे का खुलकर दुरुपयोग किया है. विकास के नाम पर केवल दिखावा किया गया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि विभाग ने बिना जमीनी काम किए, कागजों में ही पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण दिखा दिया.

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