अस्ताना
18 साल की काजल धोचक और नीलम सरोही ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। काजल और नीलम दोनों ने ही सिल्वर जीतकर भारत का नाम रोशन किया। दोनों को अपने-अपने फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, जिस वजह से वो गोल्ड जीतने में नाकामयाब रहीं।
भारतीय पहलवान नीलम सिरोही को बुधवार को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के महिला 50 किग्रा फाइनल में जापान की दिग्गज युई सुसाकी से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इसके साथ ही वह अंशु मलिक के बाद विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान बन गईं। सुसाकी ने अपने शानदार अभियान के दौरान एक भी अंक नहीं गंवाया और पहले पीरियड के समाप्त होने से ठीक पहले 26 वर्षीय नीलम को चित करके अपना पांचवां विश्व खिताब जीता।
टोक्यो ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता सुसाकी कुश्ती की सबसे सफल पहलवानों में से एक हैं। हालांकि 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत की विनेश फोगाट के हाथों मिली हार उनके दबदबे वाले करियर के दौरान एक झटका रही थी।
नीलम का ऐतिहासिक प्रदर्शन
नीलम के इस प्रदर्शन को भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अंशु मलिक ने 2021 में ओस्लो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।
नीलम ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसके साथ ही वह पहली बार एक ही विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के मुकाबलों में पहुंचने वाली दो भारतीय महिला पहलवानों में शामिल हो गईं।
18 साल की उम्र में काजल का ऐतिहासिक कारनामा
काजल ने 76 किग्रा में रजत पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। काजल गोल्ड के बेहद करीब थीं। एक समय मुकाबला 4-4 पर था। हालांकि आखिरी के 30 सेकेंड में उन्होंने चार अंक गंवा दिए और गोल्ड जीतने से चूक गईं।
इसके बावजूद, काजल का नाम इतिहास में दर्ज हो गया। वो हेवीवेट कैटेगरी में विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारत की पहली पहलवान बन गईं। नीलम और काजल ने अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया। दोनों से आगे भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

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