लखनऊ
: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना का उद्देश्य राज्य के पात्र स्टार्टअप्स के लिए बाजार तक पहुंच आसान करना और सरकारी विभागों व अन्य अभिकरणों में उनके नवोन्मेषी उत्पादों, सेवाओं और समाधानों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत पात्र स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नवोन्मेषी उत्पादों, सेवाओं और समाधानों की सूचीबद्धता तथा सरकारी खरीद के लिए समर्पित ‘यूपी स्टार्टअप ई-मार्केटप्लेस’ स्थापित किया जाएगा। इस माध्यम से सरकारी विभागों को स्टार्टअप्स के नवोन्मेषी उत्पादों और सेवाओं की खरीद का अवसर मिलेगा। क्रय करने वाले विभाग नवोन्मेषी उत्पादों और सेवाओं की खरीद अपनी स्वीकृत बजटीय व्यवस्थाओं से करेंगे। वहीं, यूपी स्टार्टअप ई-मार्केटप्लेस की स्थापना, संचालन और अनुरक्षण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की होगी। इसके बाद निरंतर क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
इस योजना से राज्य के स्टार्टअप्स को सरकारी बाजार तक पहुंच मिलेगी और सरकारी विभागों में नवोन्मेषी उत्पादों, सेवाओं तथा तकनीकी समाधानों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इन तकनीकी समाधानों के व्यापक उपयोग से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, दक्षता और सुगमता बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ आम लोगों को बेहतर, प्रभावी और सुलभ सेवा वितरण के रूप में मिलेगा।
योजना के तहत उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति में पंजीकृत पात्र नवप्रवर्तनशील उद्यमों को सरकारी विभागों से कार्यादेश प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। सरकारी खरीद के अवसर उपलब्ध होने से स्टार्टअप्स के व्यवसायिक विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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