जबलपुर
नया मोहल्ला में दरबार होटल के पीछे मौजूद एक 100 साल पुराना मकान देर रात भरभराकर गिर गया. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन पीछे रहने वाले लोगों का रास्ता इसी के नीचे से होकर गुजरता था. बीती रात अचानक मकान गिरते ही यहां अफरा-तफरी मच गई. मौके पर पहुंचे जबलपुर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर सौरव मिश्रा ने बताया कि जैसे ही जानकारी मिली तो तुरंत नगर निगम व पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया।
कोई जनहानि नहीं, रास्ता हुआ ब्लॉक
सौरभ मिश्रा ने कहा, '' जिस वक्त मकान गिरा उसे वक्त उसके नीचे कोई भी नहीं था बल्कि लोगों ने बताया कि यह केवल हमारा आने जाने का रास्ता था. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन फिर भी पीछे रहने वाले 13 लोग इसके पीछे फंस गए क्योंकि उनका रास्ता ब्लॉक हो गया था. इसलिए प्रशासन ने एक साइड वाले घर की बाउंड्री तोड़कर एक अस्थाई रास्ता इन लोगों के लिए शुरू किया है.'' आसपास के लोगों को हिदायत दी गई है कि अभी इस मकान के बचे हुए हिस्से में कोई न जाए, क्योंकि ये काफी पुराना स्ट्रक्चर है. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि, '' आज इस मकान के बचे हुए हिस्से को भी गिरा दिया जाएगा।
पहले भी गिरी हैं कई इमारतें
जबलपुर में यह कोई पहला मौका नहीं है जब इस तरह इमारत गिरी हो. 2 महीने पहले जबलपुर में एक पांच मंजिला इमारत भी इसी तरह गिर गई थी. हालांकि, यह गनीमत यह रही कि जबलपुर में किसी जर्जरे इमारत के गिरने से किसी की मौत नहीं हुई।
शहर में 100 से ज्यादा जर्जर इमारतें
जबलपुर में 100 से ज्यादा ऐसी इमारतें हैं, जो पूरी तरह जर्जर हैं. नगर निगम के अधिकारियों को कहना है कि इन इमारत के मालिकों को नोटिस दिए हैं. यदि वे खुद इन इमारत को नष्ट नहीं करते हैं तो हमें यह कार्यवाही करनी होगी. नगर निगम की खुद की कुछ इमारते ऐसी हैं, जिनकी हालत बहुत खराब है. शहर में चार इमारतें ऐसी पाई गई हैं, जो बहुत ज्यादा जर्जर हैं और इन्हें जल्द गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

More Stories
MP के युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, साल में दो बार PSC परीक्षा; CM मोहन यादव ने 20 हजार युवाओं से किया संवाद
SIR को लेकर CM मोहन यादव का बड़ा संदेश, बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
शाही कब्रिस्तान पहुंची मेट्रो टीम तो भड़के विधायक आतिफ अकील, बेरिकेडिंग पर हुआ हंगामा