नई दिल्ली
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे से ठीक पहले चीन-दक्षिण एयरलाइंस (China Southern Airlines) ने 6 साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट (Guangzhou-Delhi Direct Flight) शुरू करने का ऐलान किया है.ग्वांगझू भारत के व्यापारियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हब माना जाता है. चीनी एयरलाइंस की ओर से ग्वांगझू-नई दिल्ली फ्ला इट्स शुरू करने और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की यह खबर ट्रेड, बिजनेस और इकोनॉमी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है…
आइए जानते हैं कि इस डायरेक्ट कनेक्टिविटी के शुरू होने से भारतीय कारोबारियों और इम्पोर्टर्स को क्या-क्या बड़े फायदे होंगे?बिजनेस ट्रैवल, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स की लागत पर इसका क्या असर पड़ेगा?
व्यापारियों को बड़ा फायदा, आधा रह जाएगा ट्रैवल टाइम, घटेगा खर्च
ग्वांगझू दक्षिण चीन का सबसे बड़ा ट्रेड और एक्सपोर्ट सेंटर है. भारत के हजारों कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, ऑटो पार्ट्स और प्लास्टिक व्यापारी हर साल कैंटन फेयरऔर सप्लाई चेन के सिलसिले में ग्वांगझू जाते हैं. 6 साल बाद डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से बिजनेस ट्रैवल टाइम घटकर सीधे आधा हो जाएगा।
सिर्फ 5-6 घंटे का सफर! लॉजिस्टिक्स और सैंपल चेकिंग में आएगी तेजी
अभी तक भारतीय व्यापारियों को हांगकांग, बैंकॉक या मलेशिया होकर जाना पड़ता था, जिससे 12 से 18 घंटे लगते थे. अब 5-6 घंटे में सीधे पहुंचने से लॉजिस्टिक्स, सैंपल चेकिंग और सौदों की फाइनल डिलीवरी में काफी तेजी आएगी वहीं,, कनेक्टिंग फ्लाइट्स से जाने से टिकट के दाम और ट्रैवल का खर्च काफी ज्यादा आता था. डायरेक्ट फ्लाइट्स से व्यापारियों की लॉजिस्टिक्स और ट्रैवल कॉस्ट घटेगी।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग के BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली आने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम होने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय व्यपार(Bilateral Trade) को नया बूस्ट मिलेगा।
सीपी मार्केट एसोसिएशन के विक्रम बधवार (Vikram Badhwar) ने कहा,
"अगर दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू हो रही है, तो यह बहुत ही अच्छी बात है. वहां से भी फ्लाइट्स भारत आएंगी और यहां से भी चीन जाएंगी, जिससे दोनों देशों के बीच भाईचारा और आपसी रिश्ते बेहतर होंगे. आखिर आपस में लड़ने से किसी का क्या फायदा है? आज हमारे देश के कई व्यापारी व्यापार के लिए चीन पर निर्भर हैं. डायरेक्ट फ्लाइट्स चलने से अब व्यापारियों को घूम-फिर कर दूसरे रास्तों से नहीं जाना पड़ेगा. बिजनेस और ट्रेड के लिहाज से यह बेहद अच्छी शुरुआत है।
देशों के बीच बिजनेस-ट्रेड होगा मजबूत
चीन के सरकारी मीडिया 'पीपुल्स डेली' के जर्नलिस्ट रेन येन और वेई च्यांग ने NDTV से बातचीत में कहा,
"7 साल बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा बेहद अहम है. हमें पूरी उम्मीद है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच बिजनेस, ट्रेड और लोगों का आपस में मिलना-जुलना बढ़ेगा. महामारी और बीते कुछ सालों की दूरियों के कारण दोनों देशों के बीच सीधा संपर्क काफी सीमित हो गया था. ऐसे में चीन और भारत के बीच सीधी उड़ानों का दोबारा शुरू होना रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और अच्छा कदम है।
उन्होंने आगे कहा, "चीन और भारत सिर्फ पड़ोसी देश ही नहीं हैं, बल्कि दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले और समृद्ध इतिहास वाले देश हैं. हमें आपस में दूरी बनाने के बजाय एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ना चाहिए. हम आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बिजनेस एंड कल्चरल ट्रेड बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।

More Stories
8th Pay Commission News: कर्मचारी कर रहे OPS बहाली की मांग, UPS में सुधार का मिल सकता है विकल्प
FASTag नियम सख्त: गलत लेन या बिना एक्टिव FASTag टोल पार किया तो देना होगा दोगुना शुल्क
Farakka Treaty: सिंधु जल संधि के बाद अब गंगा जल बंटवारे पर बांग्लादेश की नजर, दिसंबर 2026 में खत्म होगा समझौता