रायपुर
जल संसाधन विभाग के समयबद्ध प्रयासों और बिंजली जलाशय की नहरों के जीर्णाेद्धार अभियान ने बस्तर अंचल के कृषि परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। विभाग द्वारा जल संसाधन संभाग, नारायणपुर के माध्यम से नहरों की मरम्मत और गाद सफाई का वृहद कार्य कराया गया है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है। इस व्यवस्था के सुचारू होने से नारायणपुर विकासखंड के खैराभाट, पालकी, तेलसी, करलखा, गुरिया और सुलेंगा गांवों की लगभग 250 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुनिश्चित सुविधा प्राप्त हुई है।
समय के साथ बिंजली जलाशय की नहरों में जमा हुई गाद और अवरोधों के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया था, जिससे खेतों तक पानी पहुँचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। सफाई और आवश्यक मरम्मत कार्य के बाद अब नहरों में पानी का प्रवाह निर्बाध रूप से हो रहा है, जिससे किसानों की मानसून पर निर्भरता काफी कम हुई है। इस जल सुरक्षा से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में भी भारी सुधार की संभावना बढ़ गई है। जिन खेतों में पहले पानी की कमी के कारण खेती सीमित रहती थी, वहाँ अब किसान दोहरी फसल लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग की इस पहल से क्षेत्र के ग्रामीण अर्थतंत्र को नई गति मिली है और किसानों के जीवन में एक सुखद व सकारात्मक बदलाव आया है।

More Stories
पहली बार लोकरंग पर्व में दिखी सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक, पंथी और नाचा-गम्मत ने भी मोहा दर्शकों का मन
सहकारिता मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, केंद्र ने जारी की अधिसूचना