देहरादून
भारतीय सेना के पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद अबउत्तराखंड के चारधामों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात है। बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी संभालेगी। वहीं सीमांत उत्तरकाशी जनपद में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं।
केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात
रुद्रप्रयाग। पाकिस्तान व भारत के बीच पैदा हुए तनाव के चलते केदारनाथ समेत यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम में आईटीबीपी तैनात है, जबकि यात्रा पड़ावों पर भी आईटीबीपी तैनात की गई है। बुधवार को भारत द्वारा पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर किए गए कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम आने व जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही जनपद में भी सभी स्थानों पर आने जाने वालों पर पुलिस नजर रख रही है। केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आईटीबीपी के पास थी, उसे अभी भी तैनात किया गया है।
रेगुलर पुलिस के साथ ही पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था में लगी है। गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतपुर, रामपुर, गुप्तकाशी व फाटा समसेत यात्रा पड़ावों पर पुलिस के साथ ही आईटीबीपी तैनात की गई है। केदारनाथ धाम में तीस जवान आईटीबीपी के तैनात हैं, इसके अलावा पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के जवान भी तैनात हैं।
सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं
जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने भी सख्त निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाए। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। युद्ध जैसे हालात की स्थिति को देखते हुए जागरुकता अभियान तेज कर दिए गए हैं।
बताया कि केदारनाथ, सोनप्रयाग, गौरीकुंड के साथ ही अन्य प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक एक प्लाटून आईटीबीपी के जवान तैनात है। केदारनाथ धाम में 30 से अधिक आईटीबीपी जवान तैनात हैं। जबकि पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड सहित पर्याप्त फोर्स मौजूद है। जनपद में पुलिस की सरकारी खुफिया एजेंसी द्वारा हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
बदरीनाथ में एटीएस तैनात, चलाया चेकिंग अभियान
चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्री बदरीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं व अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार को धाम में सघन चेकिंग अभियान चलाया। विशेष रूप से दर्शन के लिए पहुंचे सभी श्रद्धालुओं की गहनता से तलाशी व उनके सामान, बैग की जांच की गई। इस दौरान पुलिस श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध करती रही कि वह अपने साथ मंदिर परिसर के भीतर बैग या बड़ा सामान लेकर न आएं। धाम की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) को भी तैनात किया गया है। पूरे बदरीनाथ धाम की सुरक्षा का जिम्मा अब एटीएस के कंधों पर है।
बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी को
गोपेश्वर: श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के साथ ही, यहां की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शीतकाल के दौरान धाम की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाली भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने अब इंडियन रिजर्व बटालियन को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। अब बदरीनाथ धाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईआरबी संभालेगी।
गौरतलब है कि हर साल शीतकाल में जब श्री बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं, तब विषम परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के बीच धाम की सुरक्षा का जिम्मा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को ही सौंपा जाता है। आईटीबीपी के जवान इस दौरान दुर्गम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं।
इस वर्ष कपाट खुलने के बाद धाम की आगे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आज यह जिम्मा आईआरबी द्वारा संभाल लिया गया है। सुरक्षा हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत आईटीबीपी की सीमाद्वार यूनिट से आए जवानों ने औपचारिक रूप से आईआरबी को चार्ज सौंपा दिया है।
सीमांत उत्तरकाशी में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भी पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं। यहां चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के साथ यात्रा रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे बाद भारत ने पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की संभावना जतायी गयी है।

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