नई दिल्ली
एफएमसीजी कंपनी कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) के शेयर 3 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। कंपनी के शेयरों में मंदी Q1 एनालिस्ट कॉल के बाद आई है, जिसमें ब्रोकरेज फर्मों ने निकट भविष्य में होने वाली कमाई को लेकर सतर्क रुख जाहिर किया है। एनालिस्ट ने चिंता जताई कि ग्रोथ और प्रीमियम बनाने के लिए ज़्यादा खर्च करने से मुनाफ़े पर असर पड़ सकता है।
कोलगेट-पामोलिव इंडिया (Colgate Palmolive India Share) के शेयर 18 अगस्त को 1954 रुपये के स्तर पर खुले और 1901 रुपये का निचला स्तर छू कर 1903 रुपये पर बंद हुए। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ गई है।
ब्रोकरेज हाउसेज ने क्या कहा?
- एनालिस्ट का मानना है कि वॉल्यूम, कीमतों और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ज़ोर देने से रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, Citi, CLSA और HSBC अभी भी सतर्क हैं क्योंकि ज़्यादा विज्ञापन और ब्रांड पर खर्च से कमाई में बढ़ोतरी, रेवेन्यू में बढ़ोतरी से कम रह सकती है और मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
- सिटी (Citi) ने कोलगेट पामोलिव इंडिया के शेयर पर 'सेल' (बेचने) की सलाह बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 2,000 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वॉल्यूम, प्राइसिंग और मिक्स के मामले में ग्रोथ संतुलित रहेगी।
- CLSA ने 2,024 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी है। उसे उम्मीद है कि कोलगेट का हाई ग्रॉस मार्जिन बना रहेगा और इससे विज्ञापन पर ज़्यादा खर्च करने की गुंजाइश मिलेगी।
- HSBC ने भी 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹2,140 तय किया है। ब्रोकरेज कंपनी के प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ज़ोर देने और ज़्यादा इस्तेमाल को ग्रोथ के लिए अहम कारण मानता है और कंपनी के इस कदम को उत्साहजनक बताता है।
- जेफ़रीज ने ज़्यादा पॉजिटिव रुख अपनाते हुए अपनी 'BUY' रेटिंग और ₹2,650 का टारगेट प्राइस बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने कहा कि कोलगेट के पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों में प्रीमियम बनाने (प्रीमियमाइज़ेशन) पर खास ध्यान दिया जा रहा है। जेफ़रीज को उम्मीद है कि वॉल्यूम, प्रीमियमाइज़ेशन और कीमतों की वजह से रेवेन्यू ग्रोथ में तेज़ी आएगी।

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