रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार अंतर्गत की गई पहल के अंतर्गत धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के मोंगरा गाँव में दुग्ध व्यवसाय का नया द्वार खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मोंगरा गाँव को देवभोग दुग्ध महासंघ के मुख्य मिल्क रूट से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं की मांग पर नई दुग्ध संग्रहण समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से अब गाँव के पशुपालक अपने पशुओं का दूध सीधे दुग्ध महासंघ को निश्चित दर पर बेच सकेंगे। समिति में आधी सदस्य महिलाएँ हैं, जो इस अवसर को आर्थिक आत्मनिर्भरता के रूप में देख रही हैं।
ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती यमुना साहू ने बताया कि मोंगरा में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 90 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो पहले कम कीमत में कुरूद या चर्रा में बेचा जाता था। समिति के माध्यम से अब यह दूध सीधे महासंघ को बेचा जाएगा और भुगतान सीधे महिलाओं के बैंक खातों में किया जाएगा। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
इसके अलावा, पशुपालकों को अब दूरदराज के बाज़ारों तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और परिवहन खर्च की भी बचत होगी। दूध की गुणवत्ता बनी रहेगी और नुकसान की संभावना समाप्त हो जाएगी। गाँव की महिलाओं एवं समिति के सदस्यों ने गाँव को मिल्क रूट से जोड़ने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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