लखनऊ
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को नसीहत दी कि वह युवाओं को गुमराह होने से बचाएं। नई तकनीक को देश हित में इस्तेमाल का माध्यम बनाएं। वह रविवार को डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम में यूपी के उच्च शिक्षा के शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करने के दौरान बोल रहे थे।
सीएम ने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं को फर्जी और भ्रामक सूचनाओं से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों से आगे आना होगा। आज देश की लगभग 60 फीसदी युवा आबादी स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी जुटा रही है। ऐसे में अनाम और फर्जी अकाउंट्स द्वारा फैलाए जा रहे तथ्य समाज में अव्यवस्था और विद्वेष पैदा कर सकते हैं। गूगल या सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर जानकारी प्रामाणिक हो, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि तकनीक से मुंह मोड़ने के बजाय इसका सही उपयोग सिखाना होगा। भारत विरोधी ताकतें तकनीक और धनबल का दुरुपयोग कर समाज को बांटने का प्रयास करती हैं। ऐसे षड्यंत्रों को नाकाम करने के लिए शिक्षण संस्थानों को 'राष्ट्र प्रथम' के भाव के साथ युवाओं का सही मार्गदर्शन करना होगा।
आत्मानुशासन और स्वाध्याय पर बल
शिक्षकों की ज़िम्मेदारी है कि वे छात्रों को सच और झूठ का फर्क समझाएं। विद्यार्थियों में पुस्तकालय जाने, संदर्भ पुस्तकें पढ़ने और धर्मग्रंथों के प्रेरक उदाहरणों को जीवन में उतारने की आदत पुनः विकसित करें।
तकनीक का कल्याणकारी उपयोग हो
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया आज की आवश्यकता हैं। राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर हर जिले के आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। तकनीक का कल्याणकारी उपयोग होना चाहिए।

More Stories
मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दी बड़ी सौगात
इटावा, जसवंतनगर व भरथना विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, सीएम योगी ने 604 करोड़ रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास
31 जुलाई तक सभी विद्यालयों, बीआरसी, बीएसए कार्यालयों और डायट में प्रदर्शित होगी कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य और आईईसी सामग्री