नई दिल्ली
पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रविवार को दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आषीश सूद ने पैड माउंटेड सोलर सब-स्टेशन का उद्घाटन किया, जिसकी कुल क्षमता 2 हजार केवीए है। एक-एक हजार के दो ऐसे सब-स्टेशन बनाए गए हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विधायक ओपी शर्मा, रविंद्र सिंह नेगी, स्थानीय पार्षद व आरडब्ल्यूए पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ऊर्जा मंत्री आषीश सूद ने कहा कि पैड माउंटेड सब-स्टेशन के लिए पारंपरिक पावर सब-स्टेशन की तुलना में आधी जमीन की ही जरूरत होती है। दिल्ली जैसे शहरों के लिए ऐसे सब-स्टेशन काफी मुफीद हैं, जहां जमीन की कमी है।
ऊर्जा मंत्री आषीश सूद ने गांधी नगर में सोलर सबस्टेशन का उद्घाटन किया
- आषीश सूद ने कहा कि पैड माउंटेड सब-स्टेशन उद्घाटन के साथ ही यह सोलराइज ईस्ट अभियान की दिल्ली में शुरुआत है। इस अभियान का मकसद प्रधानमंत्री सूर्य घर (मुफ्त बिजली योजना) के तहत अधिक से अधिक लोगों को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ना है।
- उन्होंने कहा कि गांधी नगर और पूर्वी दिल्ली में कई घनी बस्तियां हैं, जहां पावर सब-स्टेशन निर्माण के लिए जमीन की बेहद कमी है।
- ऐसे स्थानों पर पैड माउंटेड सब-स्टेशन निर्माण ही बेहतर विकल्प है।
- 200 से 500 केवीए के पैड माउंटेड सब-स्टेशन के लिए करीब 15 से 30 वर्ग मीटर, 630 से 1000 केवीए के पैड माउंटेड सब-स्टेशन के लिए 30 से 50 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होती है।
- इसके तुलना में पारंपरिक सबस्टेशन के निर्माण करीब 70 से 150 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होती है।
- इसके अलावा पैड माउंटेड सब-स्टेशन पावर सप्लाई को अधिक विश्वसनीय बनाता है। फॉल्ट होने पर बिजली बहाली का समय भी लगता है।

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