नई दिल्ली
देश के करीब 34 करोड़ खातों में EPFO एक साथ ब्याज की राशि डिपॉजिट करने वाला है. सरकार की ओर तारीख भी तय कर दी गई है, यानी 33 करोड़ लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार EPFO 15 जुलाई को देश के लगभग 34 करोड़ (कुल पंजीकृत एवं निष्क्रिय खातों सहित) लाभार्थियों के खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज की राशि क्रेडिट करने जा रहा है. सरकार इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम ब्याज राशि सीधे सब्सक्राइबर्स के खातों में ट्रांसफर करेगी।
आप घर बैठे कर सकते हैं चेक
आज से ठीक एक हफ्ते बाद यानी अगले बुधवार को 34 करोड़ लोगों के पीएफ खातों में ब्याज क्रेडिट हो जाएगा. अगर आप भी एक पीएफ खाताधारक हैं, तो 15 जुलाई के बाद उमंग ऐप (UMANG App), EPFO पोर्टल या अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से मिस-कॉल/एसएमएस भेजकर अपना पीएफ बैलेंस और क्रेडिट हुई ब्याज राशि की जांच कर सकते हैं।
दरअसल केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अगुवाई में हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी की वार्षिक ब्याज दर को बनाए रखने की सिफारिश की गई थी. वित्त मंत्रालय द्वारा इस दर को मंजूरी मिलने के बाद अब सब्सक्राइबर्स के खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं. यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब सरकार ने PF पर अपनी ब्याज दर को 8.25% पर स्थिर रखा है, जो बाजार के अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर रिटर्न प्रदान करता है।
ब्याज क्रेडिट होने का नया सिस्टम
इस बार खाताधारकों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. EPFO द्वारा विकसित किए गए नए तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम के माध्यम से सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही ब्याज की राशि सब्सक्राइबर्स के खातों में तुरंत ट्रांसफर कर दी जाएगी. इससे पहले अक्सर पीएफ खाताधारकों को अपने खातों में ब्याज दिखने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस नई डिजिटल व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद EPFO खाता धारकों के ब्याज में कोई कटौती नहीं की गई है. संगठन को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और अपने मजबूत निवेश पोर्टफोलियो से बेहतरीन रिटर्न प्राप्त हुआ है, जिसके कारण वह बिना किसी वित्तीय दबाव के पिछले कई वर्षों से लगातार 8% से ऊपर ब्याज देने में सफल रहा है. इसके साथ ही, इस बैठक में निष्क्रिय पड़े खातों में जमा छोटी और लावारिस राशियों के निपटान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है।

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