August 22, 2026

MOU के बाद ग्वालियर की विरासत को विश्व पटल पर लाने की तैयारी, 10 जुलाई को अहम बैठक

ग्वालियर
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्वालियर किले और राज्य पुरातत्व संरक्षित स्मारकों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक आगामी 10 जुलाई को दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉक्टा अभय अरविंद बेड़ेकर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक इंडिगो और आगाखान हेरिटेज ट्रस्ट के साथ चल रहे प्रोजेक्ट के सिलसिले में होगी।

इस बैठक का आयोजन वर्चुअली (आनलाइन) किया जाएगा, जिसमें जिला कलेक्टर सहित प्रोजेक्ट कमेटी के सदस्य भाग लेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा ग्वालियर किले के संरक्षण, आकर्षक लाइटिंग और अन्य प्रस्तावित कार्यों की योजना तैयार करना है। बैठक के दौरान पिछली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इम्प्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों और एक्शन टेकन रिपोर्ट की भी समीक्षा की जाएगी। यह पूरी योजना इंडिगो और आगाखान हेरिटेज ट्रस्ट के साथ 21 फरवरी 2025 को हुए एमओयू के तहत बनाई गई है, जिससे ग्वालियर के ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिल सके।

ग्वालियर किले पर एमओयू के बाद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मप्र टूरिज्म, इंडिगो एयरलाइंस और एकेसीएसएफ की टीम निरीक्षण कर चुकी है। इस एमओयू में ग्वालियर किले के कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण शामिल है।

राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं।

 

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