बिलासपुर
हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में अंतरिम भरण-पोषण और मुकदमे के खर्च को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पत्नी सरकारी नौकरी में हो और उसकी आय पति से अधिक हो, तब भी उसे अदालती कार्यवाही में शामिल होने के लिए आवश्यक यात्रा, भोजन और मुकदमे का खर्च पाने का अधिकार है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की खंडपीठ ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय के आदेश को सही ठहराते हुए पति आशीष राय की अपील खारिज कर दी।
क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार अंबिकापुर निवासी आशीष राय और विश्रामपुर निवासी अंजलि राय के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा है। पति ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत अंतरिम भरण-पोषण और मुकदमे के खर्च की मांग की।

More Stories
308 करोड़ के केशकाल घाट बायपास का उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, कार्यों की प्रगति परखी
विकास कार्यों की प्रगति पर सीएम साय की नजर, पांच जिलों के अधिकारियों संग करेंगे अहम बैठक
पेड़ लगाकर मनाया पर्यावरण दिवस, जिंदल स्टील मशीनरी डिवीजन रायपुर ने दिखाई हरियाली के प्रति प्रतिबद्धता