रायपुर
राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं।
सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे।
इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए।
सहकारिता आयुक्त कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

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