लखनऊ
यूपी में योगी मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बिहार, बंगाल और असम के बाद यूपी की बारी है यानी 12 मई के बाद कभी भी टीम योगी का आकार बढ़ सकता है। खास बात यह है कि यह केवल विस्तार होगा, बदलाव नहीं। मतलब ये कि मंत्रिमंडल में सिर्फ छह नये चेहरे शामिल होंगे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते किसी बड़े बदलाव पर सहमति नहीं बन सकी है। सूत्रों की मानें तो किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है। विभाग बदले जाने के आसार भी कम ही हैं।
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार का खाका लगभग तैयार है। इस पर अंतिम मुहर दिल्ली से लगना बाकी है। इसके लिए जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली जा सकते हैं। फिलहाल, जिन नामों को मंत्री बनाए जाने की संभावना बताई जा रही है, उनमें पूजा पाल, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, भूपेंद्र चौधरी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा, आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा संगठन से जुड़े ब्राह्मण चेहरे और ब्रज के एक विधायक का नाम इस फेहरिस्त में शुमार है।
कई बुजुर्ग मंत्रियों ने ली राहत की सांस
पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव न होने की संभावनाओं ने पार्टी के उम्रदराज मंत्रियों के साथ ही उनको भी राहत दे दी है, जिनके विभाग बदले जाने की चर्चाएं तेज थीं। बीते कुछ दिनों से इनमें से कई दिल्ली दरबार हो आए थे।
चुनाव नजदीक होने के चलते बदलाव का फैसला नहीं
कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है, तो कइयों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। मगर चुनाव नजदीक होने के चलते इन्हें बदलने पर फैसला नहीं हो पा रहा। पार्टी का एक वर्ग यह समझाने में भी काफी हद तक सफल रहा है कि इस समय किसी मंत्री को हटाने का संदेश सही नहीं जाएगा।

More Stories
यूपी में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80% काम पूरा
मुरादाबाद में ‘UP Rise 2026’ का महामंच, ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने जीता ₹25 हजार का पुरस्कार
पुलिस सेवा समाज सेवा का सशक्त माध्यम, सिद्धांतों पर अडिग रहना सफलता की कुंजी: प्रकाश सिंह