September 13, 2026

सरोधी की चौपाल में उभरी बदलाव की प्रेरक कहानी, स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम की आर्थिक स्थिति हुई सशक्त

रायपुर

सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सजीव तस्वीर भी बनी। इसी चौपाल में स्वच्छता दीदी मती मनीषा मरकाम की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

मनीषा मरकाम अपने पति  रंजीत मरकाम और तीन बेटों के साथ एक साधारण परिवार से हैं। उनके बच्चे वर्तमान में अध्ययनरत हैं और परिवार की आजीविका खेती-किसानी एवं मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के बीच घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई संभालना पहले चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आया है।

मनीषा बताती हैं कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपए की मासिक सहायता उनके लिए बड़ा सहारा बनी है। इन दोनों आय स्रोतों से वे घरेलू खर्चों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग कर पा रही हैं।

उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से रसोई का कार्य आसान हुआ है।

मनीषा मरकाम “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” से भी जुड़ी हैं, जहां वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही हैं।

मनीषा कहती हैं कि पहले जहां हर खर्च चिंता का कारण बनता था, वहीं अब उन्हें एक स्थिर आर्थिक संबल मिल गया है। महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे अनेक परिवारों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की दिशा दी है।
ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में स्थायित्व और सशक्तिकरण भी लाती हैं।

Spread the love